




दिनांक: 25 मार्च 2025
दिल्ली: सागा ग्रुप से जुड़ी 7 सोसाइटी के हजारों पीड़ित एजेंट्स और निवेशकों ने जंतर मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि इस मामले में सभी दोषियों के खिलफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं और निवेशकों की राशि की वापसी सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शन के बाद फैसला लिया गया कि 5 से 15 अप्रैल के बीच देश भर में विधायकों और सांसदों के आवासों पर प्रदर्शन की कार्यवाही करेंगे।
देश के अलगअलग राज्यों से हजारों की संख्या में क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के पीड़ित एजेंट्स और निवेशक जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए और धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, झारखंड, प.बंगाल, असम से लोग पहुंचे थे। जंतर मंतर पर इस प्रदर्शन को सीटू राष्ट्रीय सचिव ए आर सिंधु, हरियाणा प्रदेश महासचिव जय भगवान, सचिव आनंद शर्मा, एजेंट्स प्रतिनिधियों पवन, विपुल, मनजीत, विकास, योगेश, आदि ने प्रमुख रूप से संबोधित किया। प्रदर्शन को माकपा के पूर्व सांसद नीलोत्पल बसु ने भी पार्टी की ओर से समर्थन किया। उन्होंने सरकार से मांग कि की सोसायटी के सीएमडी समीर अग्रवाल सहित पूरी टीम को पकड़ा जाए और जिन लोगों ने सोसायटी में पैसा जमा किया है, उसे दिलवाया जाए। तमाम वक्ताओं ने कहा कि सोसायटी के सीएमडी ओर प्रबंधन टीम ने जनता को धोखे में रखकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पने का एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा है। सागा ग्रुप के तहत 7 संस्थाएं देश के 16 राज्यों में 2012 से कम कर रही है। देशभर में 45 लाख से अधिक निवेशकों ने इस सोसाइटी में अपनी जीवनभर की कमाई निवेश की थी। इसमें लाखों लोगों ने अपनी करीबन ₹70000 करोड़ रुपए की जमा-पूंजी इसमें लगा दी। इनमें किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई, शादियों और बुढ़ापे के सहारे के लिए इसमें निवेश किया था। अब सोसाइटी के सभी प्रमुख अधिकारी फरार हो गए। उन्होंने कहा कि सोसाइटी ने अपनी शुरुआत फिक्स्ड डिपॉजिट और आवर्ती जमा योजनाओं के माध्यम से की और निवेशकों को यह विश्वास दिलाया कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। सोसाइटी के मालिकों ने जनता को ठगने का एक पूर्व-नियोजित षड्यंत्र रचा था जिसकी जांच की जानी चाहिए। इसमें ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी, एस एस सोसाइटी, एस एस वी सोसाइटी, एल जे सी सी, एल यू सी सी, यशोदीप सोसाइटी, विश्वाश सोसाइटी शामिल हैं जिनके एम डी समीर अग्रवाल थे जो आज हजारों करोड़ का फ्रॉड करके दुबई में बैठा है जिसे तुरंत भारत में लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल छोटा सा मामला नहीं है बल्कि क्योंकि लाखों निवेशकों की हजारों करोड़ रुपए की मेहनत की कमाई को चंद लोगों ने हड़प लिया। यह संस्था भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के यहां भी रजिस्टर्ड लिस्ट में थी। जिसे सेबी को देखरेख का जिम्मा है। यह सरकार के एक्ट के दायरे में आती है।इसलिए सरकार इस बारे में पता लगाए कि निवेशकों का पैसा इसके प्रमुख प्रबंधकों ने कहां रखा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने निवेश किया है उनमें बड़ी संख्या में अब आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव झेल रहे हैं। उनके जीवन पर गहरा आघात हुआ है। यह केवल आर्थिक धोखाधड़ी नहीं है; यह जनता के विश्वास के साथ किया गया क्रूर मजाक है। इसीलिए इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं और निवेशकों की राशि की वापसी सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन में फैसला लिया गया कि 5 से 15 अप्रैल के बीच सभी विधायकों और सांसदों के आवासों पर प्रदर्शन करते हुए मांग पत्र दिए जाएंगे।

